Umeed

 फुर्सत में तकल्लुफ से जिया जा रहा है, 

तेरा इंतज़ार अब भी किया जा रहा है,


भूल जाने को बस एक छोटा सा किस्सा, 

एक हादसा तख़लीक़ दिया जा रहा है, 


फीकी हो चली है जब से मेरी रंगत,

तेरा एक नाम हरसू लिया जा रहा है,


पहले ही थी कुछ नीम सी तबियत, 

उसपे ज़हर अब पीया जा रहा है,


तेरा एक नाम हरसू लिया जा रहा है, 

तेरा इंतज़ार अब भी किया जा रहा है




 


  


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