बर्बाद हो कर यूँ खुद को आबाद करना
बर्बाद हो कर यूँ खुद को आबाद करना, आसान नहीं है दिल से इश्क़ को आज़ाद करना .
कुछ उम्र कुछ मिज़ाज़ कुछ हस्ती ए-जनाब ,
मुश्किल है हर रोज़ मीठे से लिहाज़ करना .
इन सिल्सलों में कैसे राह मिलेगी सही ,
मुमकिन नहीं हैं इस शोर में रियाज़ करना .
कुछ उम्र कुछ मिज़ाज़ कुछ हस्ती ए-जनाब ,
मुश्किल है हर रोज़ मीठे से लिहाज़ करना .
इन सिल्सलों में कैसे राह मिलेगी सही ,
मुमकिन नहीं हैं इस शोर में रियाज़ करना .
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